बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा कैसे बनाएं? | देवघर वाला पेड़ा रेसिपी

बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा कैसे बनाएं?

झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम का नाम श्रद्धा और धार्मिक आस्था के साथ-साथ वहां मिलने वाले स्वादिष्ट प्रसाद और मिठाइयों के कारण भी प्रसिद्ध है। इनमें पेड़ा एक ऐसी मिठाई है जिसे लोग यात्रा के दौरान खरीदना और अपने परिवार के लिए घर ले जाना पसंद करते हैं।

अगर आप सोच रहे हैं कि बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा कैसे बनाएं, तो इसे घर पर बनाने का एक आसान तरीका है। इस रेसिपी में मुख्य रूप से मावा, चीनी और इलायची का इस्तेमाल किया जाता है। धीमी आंच पर मावे को सही तरह से भूनना इस मिठाई की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।

घर पर पेड़ा बनाते समय सबसे बड़ी चुनौती इसकी सही बनावट हासिल करना होती है। पेड़ा न तो बहुत नरम होना चाहिए और न ही इतना सूखा कि मुंह में डालते ही बिखर जाए। सही तापमान और सही समय तक मावा पकाने से पेड़े में हल्की दानेदार बनावट और दूध जैसी खुशबू आती है।

यह रेसिपी देवघर शैली के पेड़े से प्रेरित घरेलू विधि है। अलग-अलग दुकानों और परिवारों में सामग्री तथा बनाने की विधि थोड़ी अलग हो सकती है।

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 यह पेड़ा रेसिपी क्यों बनाएं?

घर पर पेड़ा बनाने के कई फायदे हैं।

  • इसमें ताज़ा मावा इस्तेमाल किया जा सकता है।
  • मिठास अपनी पसंद के अनुसार रख सकते हैं।
  • किसी खास त्योहार या पूजा के लिए ताज़ी मिठाई बनाई जा सकती है।
  • बाजार की मिठाई की तुलना में सामग्री पर आपका नियंत्रण रहता है।
  • जन्माष्टमी, पूजा, त्योहार और प्रसाद के लिए बनाया जा सकता है।
  • इसे बनाना मुश्किल नहीं है, बस मावा पकाते समय धैर्य रखना जरूरी है।

सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए बहुत अधिक सामग्री की आवश्यकता नहीं होती।

सामग्री

सामग्रीमात्रा
ताज़ा मावा/खोया500 ग्राम
बारीक पिसी चीनी175–200 ग्राम
देसी घी1 छोटा चम्मच
इलायची पाउडर½ छोटा चम्मच
दूध1–2 बड़े चम्मच, आवश्यकता अनुसार
केसरकुछ रेशे, वैकल्पिक
पिस्ता या बादाम1–2 बड़े चम्मच, सजाने के लिए

सामग्री चुनते समय ध्यान दें

पेड़े का स्वाद काफी हद तक मावे की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। संभव हो तो ताज़ा और अच्छी गुणवत्ता वाला मावा लें।

बहुत अधिक गीला मावा इस्तेमाल करने से पेड़े को सही आकार देने में अधिक समय लग सकता है। वहीं बहुत सूखा मावा इस्तेमाल करने पर पेड़ा कठोर हो सकता है।

आवश्यक बर्तन

  • भारी तले वाली कड़ाही
  • लकड़ी या सिलिकॉन का स्पैटुला
  • बड़ी प्लेट या ट्रे
  • मिक्सिंग बाउल
  • छोटी कटोरी
  • चम्मच
  • पेड़ा आकार देने के लिए हाथ

तैयारी का समय 10 मिनट

पकाने का समय 25–35 मिनट

कुल समय लगभग 40–45 मिनट

कितने लोगों के लिए?

लगभग 20–24 पेड़े, आकार के अनुसार।

बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा बनाने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि

चरण 1: मावा तैयार करें

सबसे पहले 500 ग्राम ताज़ा मावा लें। यदि मावा बहुत बड़े टुकड़ों में है तो हाथ या चम्मच से उसे अच्छी तरह मसल लें।

इससे मावा कड़ाही में डालने के बाद आसानी से मिल जाएगा और उसमें बड़े-बड़े टुकड़े नहीं रहेंगे।

चरण 2: कड़ाही गर्म करें

अब एक भारी तले वाली कड़ाही को गैस पर रखें और धीमी आंच पर गर्म करें।

कड़ाही गर्म होने के बाद इसमें 1 छोटा चम्मच देसी घी डालें।

घी की मात्रा बहुत अधिक रखने की जरूरत नहीं है। इसका उद्देश्य मुख्य रूप से कड़ाही में मावा चिपकने से बचाना और हल्की खुशबू देना है।

चरण 3: मावा भूनें

अब मावा कड़ाही में डालें।

गैस की आंच धीमी रखें और मावे को लगातार चलाते हुए पकाएं।

मावा धीरे-धीरे नरम होकर पिघलने लगेगा। कुछ समय बाद उसका रंग हल्का बदलने लगेगा और उसमें से दूध जैसी अच्छी खुशबू आने लगेगी।

यही इस रेसिपी का सबसे महत्वपूर्ण चरण है।

मावा को तेज आंच पर भूनने की कोशिश न करें। तेज आंच पर मावा नीचे से जल सकता है और पेड़े में जले हुए दूध का स्वाद आ सकता है।

चरण 4: मावे की सही अवस्था पहचानें

मावा तब तक पकाएं जब तक उसका अतिरिक्त नमी वाला हिस्सा कम न हो जाए और मावा थोड़ा गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे।

मावा पूरी तरह सूखना नहीं चाहिए।

एक छोटी मात्रा चम्मच से उठाकर देखें। अगर मावा नरम है लेकिन आसानी से आकार लेने वाली अवस्था में आ गया है, तो गैस बंद करने का समय करीब है।

चरण 5: मावा ठंडा करें

गैस बंद करने के बाद मावे को एक प्लेट या चौड़े बर्तन में निकाल लें।

इसे थोड़ा ठंडा होने दें।

यहां जल्दबाजी न करें। बहुत गर्म मावे में सीधे चीनी डालने से चीनी पिघलकर मिश्रण को ज्यादा पतला कर सकती है।

मावा हल्का गर्म या लगभग कमरे के तापमान तक आने दें।

चरण 6: चीनी मिलाएं

अब इसमें 175–200 ग्राम बारीक पिसी हुई चीनी डालें।

चीनी की मात्रा अपने स्वाद के अनुसार थोड़ी कम या ज्यादा की जा सकती है।

मावा और चीनी को अच्छी तरह मिलाएं।

मिश्रण पहले थोड़ा नरम और चिपचिपा लग सकता है। घबराने की जरूरत नहीं है। थोड़ी देर मिलाने के बाद इसकी बनावट बेहतर होने लगेगी।

चरण 7: इलायची मिलाएं

अब आधा छोटा चम्मच इलायची पाउडर डालें।

अगर आप चाहें तो कुछ केसर के रेशों को 1 चम्मच हल्के गर्म दूध में भिगोकर मिश्रण में मिला सकते हैं।

हालांकि पारंपरिक स्वाद के लिए इलायची की खुशबू ही काफी होती है।

चरण 8: पेड़े का मिश्रण तैयार करें

सभी सामग्री को अच्छी तरह मिलाकर एक मुलायम मिश्रण तैयार करें।

यदि मिश्रण बहुत सूखा लग रहा हो, तो 1–2 चम्मच दूध की बहुत थोड़ी मात्रा इस्तेमाल की जा सकती है।

लेकिन दूध एक साथ ज्यादा न डालें। ज्यादा दूध डालने से मिश्रण बहुत नरम हो सकता है और पेड़े आसानी से आकार नहीं ले पाएंगे।

चरण 9: पेड़े का आकार दें

हाथों पर बहुत हल्का घी लगाएं।

मिश्रण का एक छोटा हिस्सा लें और उसे गोल करें।

अब इसे हथेली के बीच हल्का दबाकर पेड़े का आकार दें।

सभी पेड़े लगभग समान आकार के बनाने की कोशिश करें।

चरण 10: पेड़े पर डिजाइन बनाएं

परंपरागत पेड़े पर अक्सर हल्का दबाव देकर बीच में निशान या डिजाइन बनाया जाता है।

इसके लिए आप अपनी उंगली, छोटे चम्मच या किसी साफ खाद्य-सुरक्षित मोल्ड का उपयोग कर सकते हैं।

ऊपर से एक छोटा पिस्ता या बादाम का टुकड़ा भी लगाया जा सकता है।

चरण 11: पेड़ों को सेट होने दें

तैयार पेड़ों को एक साफ प्लेट या ट्रे में रखें।

उन्हें कुछ समय के लिए कमरे के तापमान पर सेट होने दें।

पेड़े ठंडे होने के बाद उनकी बनावट और बेहतर हो जाती है।

बेहतरीन टिप्स

1. हमेशा धीमी आंच पर मावा पकाएं

पेड़ा बनाने का सबसे महत्वपूर्ण नियम यही है। तेज आंच पर मावा जल्दी पक सकता है, लेकिन उसके जलने की संभावना भी बढ़ जाती है।

2. मावे को लगातार चलाते रहें

कड़ाही के नीचे मावा चिपकने से बचाने के लिए लगातार चलाते रहें।

3. चीनी सही समय पर डालें

मावा बहुत गर्म होने पर चीनी न मिलाएं। पहले इसे थोड़ा ठंडा होने दें।

4. ज्यादा दूध न डालें

जरूरत पड़ने पर ही थोड़ा दूध डालें। ज्यादा दूध से पेड़े का मिश्रण बहुत नरम हो सकता है।

5. ताज़ा मावा इस्तेमाल करें

पेड़े का स्वाद और बनावट काफी हद तक मावे की गुणवत्ता पर निर्भर करती है।

6. पेड़े को बहुत ज्यादा न सुखाएं

मावा पकाते समय अगर वह पूरी तरह सूख गया तो पेड़े कठोर हो सकते हैं।

7. इलायची ताज़ी पिसी हुई हो

ताज़ी पिसी इलायची पेड़े में बहुत अच्छी खुशबू देती है।

आम गलतियां और उनसे कैसे बचें?

मावा जल जाना

कारण: तेज आंच।

समाधान: हमेशा धीमी आंच रखें और लगातार चलाते रहें।

पेड़ा बहुत नरम होना

कारण: मावे में नमी अधिक होना या जरूरत से ज्यादा दूध डालना।

समाधान: मिश्रण को कुछ समय ठंडा होने दें। जरूरत हो तो थोड़ी देर बहुत धीमी आंच पर पकाकर नमी कम की जा सकती है।

पेड़ा बहुत कठोर होना

कारण: मावा जरूरत से ज्यादा पकाना।

समाधान: मावे को पूरी तरह सूखने तक न पकाएं।

पेड़ा बहुत ज्यादा मीठा होना

कारण: चीनी की मात्रा अधिक होना।

समाधान: शुरुआत में थोड़ी कम चीनी डालें और स्वाद के अनुसार बाद में समायोजित करें।

पेड़ा टूटना

कारण: मिश्रण बहुत सूखा होना।

समाधान: आवश्यकता के अनुसार बहुत थोड़ी मात्रा में दूध डालकर मिश्रण को नरम करें।

बाबा बैद्यनाथ धाम पेड़ा की अलग-अलग Variations

1. इलायची पेड़ा

सबसे आसान विकल्प है कि मावा, चीनी और इलायची से पेड़ा बनाया जाए। इसमें दूध या केसर की आवश्यकता नहीं होती।

2. केसर पेड़ा

मिश्रण में कुछ केसर के रेशे डालने से रंग और खुशबू दोनों आकर्षक हो जाते हैं।

3. पिस्ता पेड़ा

पेड़े के ऊपर बारीक कटे पिस्ते डालें। यह त्योहार या मेहमानों के लिए सुंदर विकल्प है।

4. कम मीठा पेड़ा

यदि आपको बहुत मीठी मिठाई पसंद नहीं है, तो चीनी की मात्रा कम रख सकते हैं।

5. प्रसाद के लिए छोटे पेड़े

पूजा या प्रसाद के लिए छोटे आकार के पेड़े बनाए जा सकते हैं। इससे एक ही मिश्रण से अधिक लोगों के लिए प्रसाद तैयार हो जाता है।

पेड़े को कैसे परोसें?

बाबा बैद्यनाथ धाम से प्रेरित यह पेड़ा पूजा, त्योहार या विशेष अवसर पर परोसा जा सकता है।

इसे आप:

  • पूजा के प्रसाद के रूप में
  • त्योहारों पर
  • मेहमानों को मिठाई के रूप में
  • चाय या दूध के साथ
  • परिवार के विशेष अवसरों पर

परोस सकते हैं।

यदि आप इसे प्रसाद के लिए बना रहे हैं, तो पेड़े को छोटे और समान आकार में बनाना अच्छा रहता है।

पेड़े को स्टोर करने का तरीका

घर पर बने पेड़े को पूरी तरह ठंडा होने के बाद साफ और एयरटाइट डिब्बे में रखें।

यदि पेड़े में ताज़ा दूध या अधिक नमी है, तो उन्हें लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखने से बचें और रेफ्रिजरेटर में रखें।

पेड़े को निकालते समय हमेशा साफ और सूखे चम्मच या हाथ का इस्तेमाल करें।

महत्वपूर्ण: घर में बने मावा पेड़े की शेल्फ लाइफ इस्तेमाल किए गए मावे, नमी, तापमान और स्वच्छता पर निर्भर करती है। इसलिए लंबे समय तक सुरक्षित रहने का अनुमान लगाने के बजाय पेड़े की गंध, रंग और बनावट देखकर ही सेवन करें।

पेड़े को दोबारा गर्म कैसे करें?

आमतौर पर पेड़े को दोबारा गर्म करने की आवश्यकता नहीं होती।

यदि फ्रिज में रखने के कारण पेड़ा बहुत ठंडा और थोड़ा सख्त हो गया है, तो उसे खाने से पहले कुछ समय कमरे के तापमान पर रख दें।

पेड़े को सीधे तेज आंच पर गर्म न करें, क्योंकि इससे चीनी पिघल सकती है और पेड़े की बनावट खराब हो सकती है।

पोषण संबंधी जानकारी

नीचे दी गई जानकारी अनुमानित है और इस्तेमाल की गई सामग्री तथा पेड़े के आकार के अनुसार बदल सकती है।

पोषक तत्वअनुमानित मात्रा
कैलोरी120–150 kcal
प्रोटीन3–4 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट15–18 ग्राम
वसा6–8 ग्राम
कैल्शियमलगभग 100–120 mg

यह मिठाई ऊर्जा देने वाली है, लेकिन इसमें मावा और चीनी दोनों होते हैं। इसलिए इसे संतुलित मात्रा में खाना बेहतर है।

बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा कैसे बनाएं?

बाबा बैद्यनाथ धाम से प्रेरित पेड़ा बनाने के लिए 500 ग्राम ताज़े मावे को थोड़े घी के साथ धीमी आंच पर भूनें। मावा हल्का गाढ़ा और सुगंधित होने पर गैस बंद करें और उसे थोड़ा ठंडा करें। इसमें 175–200 ग्राम पिसी चीनी और इलायची मिलाएं। मिश्रण से छोटे-छोटे गोल पेड़े बनाएं और ऊपर से पिस्ता या बादाम लगाकर कुछ समय के लिए सेट होने दें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा किस शहर से प्रसिद्ध है?

बाबा बैद्यनाथ धाम झारखंड के देवघर में स्थित है। देवघर की यात्रा के दौरान मिलने वाली स्थानीय मिठाइयों में पेड़ा भी लोकप्रिय है।

2. क्या घर पर बाबा बैद्यनाथ धाम जैसा पेड़ा बनाया जा सकता है?

हाँ, मावा, चीनी और इलायची जैसी सामान्य सामग्री से देवघर शैली से प्रेरित पेड़ा घर पर बनाया जा सकता है। हालांकि अलग-अलग दुकानों की वास्तविक विधि अलग हो सकती है।

3. पेड़ा बनाने के लिए कौन-सा मावा अच्छा रहता है?

ताज़ा और अच्छी गुणवत्ता वाला मावा सबसे अच्छा रहता है। बहुत अधिक गीला या बहुत सूखा मावा इस्तेमाल करने से बनावट प्रभावित हो सकती है।

4. क्या पेड़े में दूध डालना जरूरी है?

नहीं। दूध अनिवार्य नहीं है। यदि मिश्रण बहुत सूखा हो, तो जरूरत के अनुसार थोड़ी मात्रा में दूध डाला जा सकता है।

5. पेड़ा टूटने लगे तो क्या करें?

यदि पेड़े का मिश्रण बहुत सूखा है, तो उसमें बहुत थोड़ी मात्रा में दूध डालकर अच्छी तरह मिलाएं। जरूरत से ज्यादा दूध न डालें।

6. पेड़ा बहुत नरम हो गया है तो क्या करें?

मिश्रण में नमी अधिक हो सकती है। इसे कुछ समय ठंडा होने दें। आवश्यकता होने पर बहुत धीमी आंच पर थोड़ी देर पकाकर अतिरिक्त नमी कम की जा सकती है।

7. पेड़ा कितने दिन तक चलता है?

इसकी अवधि मावे की ताजगी, नमी, तापमान और स्टोरेज पर निर्भर करती है। घर पर बने पेड़े को उचित तरीके से स्टोर करके जल्द इस्तेमाल करना बेहतर है।

8. क्या पेड़े में इलायची डालना जरूरी है?

इलायची अनिवार्य नहीं है, लेकिन इससे पेड़े में अच्छी खुशबू आती है और मिठाई का स्वाद बेहतर होता है।

9. क्या पेड़े को फ्रिज में रख सकते हैं?

हाँ, खासकर यदि मौसम गर्म हो या पेड़े में नमी अधिक हो। एयरटाइट कंटेनर में रखें और खाने से पहले थोड़ी देर कमरे के तापमान पर रख सकते हैं।

10. क्या पेड़े को प्रसाद के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है?

घर पर बनाया गया पेड़ा पूजा या प्रसाद के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार सामग्री और प्रसाद संबंधी नियम अलग-अलग हो सकते हैं।

निष्कर्ष

बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा कैसे बनाएं, इसका सबसे आसान जवाब है—अच्छी गुणवत्ता वाले मावे को धीमी आंच पर धैर्य के साथ पकाएं, उसे सही तापमान तक ठंडा करें और फिर चीनी व इलायची मिलाकर पेड़े का आकार दें।
इस रेसिपी में सामग्री कम है, लेकिन मावा पकाने की प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है। अगर आप मावे को तेज आंच पर नहीं जलाते और उसे बहुत ज्यादा सूखने नहीं देते, तो पेड़े में अच्छी मुलायम और हल्की दानेदार बनावट प्राप्त की जा सकती है।
यह रेसिपी पूजा, त्योहार, प्रसाद और घर में मेहमानों के लिए मिठाई बनाने का अच्छा विकल्प है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसे देवघर/बैद्यनाथ धाम की प्रसिद्ध पेड़ा शैली से प्रेरित घरेलू रेसिपी समझें, न कि किसी मंदिर या दुकान की आधिकारिक विधि।

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बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा रेसिपी
SHREE KITCHEN
✍️ रेसिपी द्वारा: Kundan Sharma

बाबा बैद्यनाथ धाम का पेड़ा

देवघर वाला स्वादिष्ट और मुलायम पेड़ा घर पर बनाने की आसान रेसिपी
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तैयारी का समय 5 मिनट
पकाने का समय 25 मिनट
कुल समय 30 मिनट
सर्विंग 15–18 पेड़े
कोर्स मिठाई
व्यंजन भारतीय

🥛 सामग्री

  • 1 लीटर फुल क्रीम दूध
  • 100 ग्राम चीनी, स्वादानुसार
  • 2 बड़े चम्मच मिल्क पाउडर
  • 1 छोटा चम्मच देसी घी
  • ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
  • 1 बड़ा चम्मच बारीक कटे काजू
  • 1 बड़ा चम्मच बारीक कटे बादाम
  • केसर के कुछ धागे, वैकल्पिक

🙏 जरूरी बात

ध्यान दें:

यह घर पर बनाया गया पेड़ा है, जिसका स्वाद और बनावट पारंपरिक देवघर शैली के पेड़े से प्रेरित है। अलग-अलग दुकानों और परिवारों में पेड़ा बनाने की विधि और सामग्री थोड़ी अलग हो सकती है।

👨‍🍳 बनाने की विधि

  1. सबसे पहले एक भारी तले वाली कड़ाही लें और उसमें फुल क्रीम दूध डालें।
  2. दूध को मध्यम आंच पर गर्म करें और बीच-बीच में चलाते रहें, ताकि दूध नीचे से चिपके नहीं।
  3. जब दूध अच्छी तरह गाढ़ा होकर लगभग आधा रह जाए, तब आंच थोड़ी धीमी कर दें।
  4. अब इसमें मिल्क पाउडर डालें और लगातार चलाते हुए अच्छी तरह मिलाएं।
  5. मिश्रण को धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक यह मावा जैसी गाढ़ी अवस्था में न आ जाए।
  6. अब इसमें चीनी डालें और लगातार चलाते हुए पकाएं। चीनी डालने के बाद मिश्रण थोड़ा ढीला होगा, इसलिए इसे दोबारा गाढ़ा होने तक पकाएं।
  7. इसमें एक छोटा चम्मच देसी घी और इलायची पाउडर डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
  8. जब मिश्रण कड़ाही छोड़ने लगे और एक साथ इकट्ठा होने लगे, तब गैस बंद कर दें।
  9. मिश्रण को एक प्लेट में निकालकर थोड़ा ठंडा होने दें। ध्यान रखें कि मिश्रण पूरी तरह ठंडा न हो।
  10. हाथों पर हल्का घी लगाकर मिश्रण की छोटी-छोटी गोलियां बनाएं।
  11. हर गोली को हथेली के बीच हल्का दबाकर पेड़े का आकार दें।
  12. ऊपर से काजू, बादाम या केसर से सजाएं।
  13. तैयार पेड़ों को पूरी तरह ठंडा होने दें। ठंडा होने के बाद इनकी बनावट और स्वाद और भी अच्छा हो जाता है।

💡 बेहतरीन रेसिपी टिप्स

  • पेड़ा बनाने के लिए फुल क्रीम दूध का इस्तेमाल करें।
  • दूध को पकाते समय लगातार या थोड़ी-थोड़ी देर में चलाते रहें।
  • चीनी हमेशा मिश्रण के पर्याप्त गाढ़ा होने के बाद डालें।
  • चीनी डालने के बाद मिश्रण को धीमी आंच पर पकाएं।
  • पेड़े का मिश्रण बहुत ज्यादा सूखा न करें, वरना पेड़े टूटने या सख्त होने लग सकते हैं।
  • आकार देने से पहले मिश्रण को थोड़ा ठंडा होने दें।
  • ज्यादा स्वाद के लिए इलायची और थोड़े केसर का इस्तेमाल किया जा सकता है।

🍽️ परोसने और सजाने का सुझाव

बाबा बैद्यनाथ धाम से प्रेरित इस पेड़े को पूजा या त्योहार के अवसर पर प्रसाद के रूप में परोसा जा सकता है। ऊपर से बादाम, काजू या केसर लगाकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है।

❄️ स्टोर करने का तरीका

पेड़ों को पूरी तरह ठंडा होने के बाद एयरटाइट डिब्बे में रखें। यदि मौसम सामान्य है तो इन्हें थोड़े समय के लिए कमरे के तापमान पर रखा जा सकता है। लंबे समय के लिए फ्रिज में रखना बेहतर है।

🥗 अनुमानित पोषण जानकारी

पोषक तत्व लगभग मात्रा*
कैलोरी 135 kcal
प्रोटीन 4 g
कार्बोहाइड्रेट 18 g
वसा 5 g
कैल्शियम लगभग 120 mg

*पोषण संबंधी जानकारी अनुमानित है और इस्तेमाल की गई सामग्री, मात्रा तथा पेड़े के आकार के अनुसार बदल सकती है।

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